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श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगम

तिरुचिरापल्ली के पास कावेरी के द्वीप पर स्थित श्रीरंगम का श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, 108 दिव्य देशमों में पहला: HR&CE के अनुसार दर्शन के समय और बीच के विराम, सेवा शुल्क, ऑनलाइन बुकिंग, वैकुंठ एकादशी और आसपास के स्थान।

समय और बुकिंग की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से हुई है

अंतिम जाँच:

त्योहारों और कुछ मौसमों में मंदिर का समय बदलता है। यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।

यात्रा की योजना

जाने से पहले: चेकलिस्ट

आपके टिक केवल इसी डिवाइस पर सेव रहते हैं।

देवता

भगवान विष्णु, श्री रंगनाथ के रूप में, आदिशेष पर दक्षिणमुखी शयन मुद्रा में; साथ में रंगनायकी (तायार) की अलग सन्निधि

संक्षिप्त इतिहास

तमिलनाडु HR&CE के अनुसार श्रीरंगम 108 वैष्णव दिव्य देशमों में पहला और सबसे प्रमुख है; वैष्णव परंपरा में केवल "कोइल" (मंदिर) कहने से इसी मंदिर का बोध होता है। इसे भूलोक वैकुंठ कहा जाता है और यह स्वयं प्रकट हुए (स्वयंव्यक्त) क्षेत्रों में पहला माना जाता है। दस आऴवारों ने यहाँ के भगवान की स्तुति (मंगलाशासनम) की।

मंदिर कावेरी और कोल्लिडम नदियों के बीच के द्वीप पर लगभग 156 एकड़ में फैला है, और गर्भगृह सात परकोटों (प्राकारों) से घिरा है। कथा के अनुसार कावेरी की बाढ़ में विमान और दीवारें मिट्टी में दब गईं और वहाँ जंगल उग आया; बहुत समय बाद "किळि चोऴ" कहलाने वाले चोल राजा ने एक तोते का गीत सुनकर उस स्थान को खुदवाया और विमान को फिर प्रकट किया। ज़िला प्रशासन के अनुसार चोल, चेर, पांड्य, होयसल, विजयनगर और मदुरै के नायक, सभी शासकों के समय मंदिर में निर्माण हुए।

दक्षिणी राजगोपुरम की नींव लगभग 500 वर्ष पहले विजयनगर काल में पड़ी थी, पर वह अधूरा रहा। अहोबिल मठ के अऴगिय सिंगर स्वामी की पहल पर 20 मई 1979 को काम शुरू हुआ और 25 मार्च 1987 को कुंभाभिषेक हुआ। यह गोपुरम 236 फ़ुट ऊँचा है, और इसमें 13 तल और 13 कलश हैं।

कैसे पहुँचें

सबसे पास का हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग, मंदिर तक की दूरी के साथ

  • हवाई मार्गतिरुचिरापल्लीलगभग 15 किमी
  • रेल मार्गश्रीरंगमलगभग 1 किमी
  • सड़क मार्गचत्रमलगभग 5 किमी

हवाई मार्ग

तिरुचिरापल्ली (त्रिची) हवाई अड्डा मंदिर से लगभग 15 किमी है।

रेल मार्ग

श्रीरंगम रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 1 किमी और तिरुचिरापल्ली जंक्शन लगभग 9 किमी है।

सड़क मार्ग

तिरुचिरापल्ली का केंद्रीय बस स्टैंड लगभग 10–12 किमी और चत्रम बस स्टैंड लगभग 5 किमी है; केंद्रीय बस स्टैंड से श्रीरंगम के लिए बसें बराबर चलती हैं। HR&CE के अनुसार वाहनों की पार्किंग चार उत्तर वीदियों और चार चित्तिरै वीदियों (मंदिर के चारों ओर की गलियों) में है।

दर्शन का समय

दर्शन का समय एक नज़र में

  • 06:00 – 07:15
  • 09:00 – 12:30
  • 14:15 – 17:30
  • 19:00 – 21:00

यह पट्टी नीचे दिया गया रोज़ का समय दिखाती है। त्योहारों और विशेष दिनों पर समय बदलता है; यात्रा से पहले पुष्टि कर लें।

तमिलनाडु HR&CE के अनुसार सामान्य दिनों में मंदिर सुबह 6:00 से रात 9:00 तक खुला रहता है, पर बीच में तीन बार दर्शन रुकता है:

  • सुबह 6:00–7:15: दर्शन
  • सुबह 7:15–9:00: दर्शन बंद (पोंगल पूजा)
  • सुबह 9:00 से दोपहर 12:30: दर्शन
  • दोपहर 12:30–2:15: दर्शन बंद
  • दोपहर 2:15 से शाम 5:30: दर्शन
  • शाम 5:30–7:00: दर्शन बंद (क्षीरान्नम पूजा)
  • शाम 7:00 से रात 9:00: दर्शन

सुबह 6:15–7:15 विश्वरूप पूजा होती है; उत्सवों के समय और पूरे मार्गऴि मास में विश्वरूप दर्शन नहीं होता। HR&CE का निर्देश है कि दर्शन बंद होने से कम से कम एक घंटा पहले पहुँचें। उत्सवों के दिनों का अलग समय मंदिर की वेबसाइट पर निमंत्रण-पत्रों में दिया जाता है।

दर्शन और कतार

सामान्य दर्शन निःशुल्क है। विश्वरूप सेवै का टिकट ₹100 है। मंदिर की HR&CE वेबसाइट के "ऑनलाइन बुकिंग सेवाएँ" पेज पर सशुल्क और निःशुल्क दर्शन बुकिंग, दान, अन्नदानम और प्रसादम बुकिंग की सेवाएँ हैं।

सुविधाएँ (HR&CE के अनुसार):

  • सूचना केंद्र कार्तिकै गोपुरम के पास; व्हीलचेयर वहीं मिलती है
  • रंगा गोपुरम और पूर्वी वेळ्ळै गोपुरम के पास जूते-चप्पल रखने की निःशुल्क व्यवस्था
  • दक्षिणी प्रवेश के पास सामान-घर
  • आर्यभट्टाळ वासल और तायार सन्निधि पर बैटरी वाहन
  • प्रसाद डाक से मँगाने की सुविधा (मंदिर कार्यालय)

वेशभूषा और नियम

अभी किसी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

क्या अर्पित करें

HR&CE की शुल्क-सूची में कुछ सेवाएँ:

  • मंगल आरती: ₹500
  • पेरुमाळ सन्निधि में सहस्रनाम: ₹50; तायार सन्निधि में: ₹20
  • चक्रत्ताऴ्वार तिरुमंजनम: ₹1075; धन्वंतरि तिरुमंजनम: ₹1200; कम्बत्तडि हनुमान तिरुमंजनम: ₹780
  • विभिन्न सन्निधियों में अर्चना और तमिल में वऴिपाडु: ₹2 से ₹5

तुलाभारम की व्यवस्था रंगा गोपुरम के पास है, और मुंडन (मुडि कानिक्कै) अम्मा मंडपम और कोल्लिडम नदी के पास होता है।

त्योहार

  • वैकुंठ एकादशी (पगल पत्तु और रा पत्तु)
    मार्गऴि (दिसंबर-जनवरी) में बीस दिन का उत्सव; रा पत्तु का पहला दिन वैकुंठ एकादशी है, जब परमपद वासल (स्वर्ग-द्वार) खोला जाता है।
  • पंगुनि उत्तिरम (सेर्त्ति सेवै)
    मार्च-अप्रैल में; इस दिन रंगनाथ और रंगनायकी साथ दर्शन देते हैं।
  • ज्येष्ठाभिषेकम
    आनि मास (जून-जुलाई) में तीन दिन का उत्सव।

आसपास के स्थान

  • अम्मा मंडपम घाट, कावेरी तट पर
  • जम्बुकेश्वरर (तिरुवानैक्कोविल) मंदिर, लगभग 2 किमी पूर्व
  • रॉकफ़ोर्ट उच्चि पिळ्ळैयार मंदिर, तिरुचिरापल्ली
  • समयपुरम मारियम्मन मंदिर
  • मुक्कोम्बु (अपर अनैकट)

स्थान

अक्षांश: 10.862758
देशांतर: 78.689904

रास्ता देखें: श्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगम (बाहरी वेबसाइट, हमारी नहीं)

पास के अन्य मंदिर

ये मंदिरों के बीच की सीधी दूरियाँ हैं; सड़क से दूरी इससे अधिक होगी।