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श्री मेहंदीपुर बालाजी, दौसा

दौसा ज़िले के घाटा मेहंदीपुर में श्री बालाजी महाराज का मंदिर: मंदिर ट्रस्ट के अनुसार आरती और दर्शन का समय, दर्शन-पथ, भोग और सवामणी बुकिंग, भीड़ वाले दिन और पहुँचने का रास्ता।

समय और बुकिंग की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से हुई है

अंतिम जाँच:

त्योहारों और कुछ मौसमों में मंदिर का समय बदलता है। यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।

यात्रा की योजना

जाने से पहले: चेकलिस्ट

आपके टिक केवल इसी डिवाइस पर सेव रहते हैं।

देवता

श्री बालाजी महाराज (हनुमान जी) बाल रूप में; साथ में श्री भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार

संक्षिप्त इतिहास

मंदिर ट्रस्ट के अनुसार घाटा मेहंदीपुर में, दौसा और गंगापुर (पहले करौली) ज़िलों की सीमा पर दो पहाड़ियों के बीच, श्री बालाजी महाराज अपने बाल रूप में स्वयं प्रकट हुए। यहाँ पहले घना जंगल था। कथा है कि महंत परिवार के पूर्वज गोसाई जी महाराज को स्वप्न में श्री बालाजी, श्री भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार के दर्शन हुए और सेवा-पूजा का आदेश मिला। ट्रस्ट के अनुसार तब से महंत परिवार की लगभग 15 पीढ़ियाँ यह सेवा करती आई हैं।

ट्रस्ट के अनुसार प्रतिमा के चरणों में एक कुंड है, और प्रतिमा के हृदय के पास से एक पतली जलधारा बूँद-बूँद बहती रहती है, जो चोला चढ़ने पर भी नहीं रुकती; यही जल भक्तों को बाँटा जाता है।

मंदिर का प्रबंधन श्री घाटा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर ट्रस्ट करता है, और वर्तमान महंत श्री नरेश पुरी जी महाराज हैं।

कैसे पहुँचें

सबसे पास का हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग, मंदिर तक की दूरी के साथ

  • हवाई मार्गजयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डालगभग 115 किमी
  • रेल मार्गबांदीकुई जंक्शनलगभग 35 किमी
  • सड़क मार्गजयपुरलगभग 103 किमी

हवाई मार्ग

सबसे पास का हवाई अड्डा जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। ट्रस्ट के अनुसार यह लगभग 115 किमी है, और राजस्थान देवस्थान विभाग की रिपोर्ट में लगभग 100 किमी। कई श्रद्धालु दिल्ली हवाई अड्डे से भी सीधे सड़क मार्ग से आते हैं।

रेल मार्ग

सबसे पास का रेलवे स्टेशन बांदीकुई जंक्शन है, लगभग 35 किमी। देवस्थान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बांदीकुई से सार्वजनिक परिवहन नहीं है, और लोग अक्सर साझा जीप से आते हैं।

सड़क मार्ग

मंदिर जयपुर–आगरा राजमार्ग के पास है। ट्रस्ट के अनुसार यह जयपुर से लगभग 103 किमी, दिल्ली से 265 किमी और आगरा से 221 किमी है। देवस्थान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गाँव राजमार्ग से लगभग 3 किमी अंदर है; बस से आने वाले 'मेहंदीपुर बालाजी मोड़' पर उतरकर साझा जीप लेते हैं।

ट्रस्ट का कहना है कि दान केवल उसकी वेबसाइट पर बताई प्रक्रिया से करें। इसी नाम से मिलती-जुलती निजी 'सवामणी बुकिंग' वेबसाइटें भी चलती हैं, इसलिए पेमेंट से पहले वेबसाइट का पता जाँच लें।

दर्शन का समय

मंदिर ट्रस्ट की समय-सूची:

  • सुबह की आरती: 6:00 से 6:40
  • सुबह के दर्शन: 7:00 से 11:00
  • राजभोग: 11:30 से दोपहर 12:00
  • दोपहर के दर्शन: दोपहर 12:00 से शाम 6:50
  • शाम की आरती: 6:00 से 6:40
  • मंदिर के कपाट बंद: रात 9:00

सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को श्री बालाजी के विशेष श्रृंगार (चोला चढ़ाने) के लिए शाम 4:00 से 6:00 बजे तक दर्शन बंद रहते हैं। ट्रस्ट के अनुसार विशेष परिस्थितियों में समय बदला जा सकता है, और इसकी सूचना मंदिर परिसर में माइक से दी जाती है। सूची में दोपहर के दर्शन 6:50 तक और शाम की आरती 6:00 से लिखी है; यात्रा से पहले मंदिर से समय की पुष्टि कर लें।

दर्शन और कतार

ट्रस्ट के अनुसार मंदिर हर दिन खुलता है, और प्रवेश का कोई शुल्क नहीं है। दर्शन-पथ में पहले मुख्य गर्भगृह में श्री बालाजी महाराज, फिर श्री भैरव बाबा और अंत में श्री प्रेतराज सरकार के दर्शन होते हैं। दोपहर और रात के भोग के समय आधे-आधे घंटे के लिए पट बंद रहते हैं।

ट्रस्ट के अनुसार मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ रहती है। राजस्थान देवस्थान विभाग की रिपोर्ट भी मंगलवार, वीकेंड, हनुमान जयंती, होली और नवरात्र को सबसे ज़्यादा भीड़ वाले दिन बताती है। ट्रस्ट के अनुसार मंदिर में कोई पूछताछ केंद्र नहीं है।

वेशभूषा और नियम

अभी किसी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

क्या अर्पित करें

सुबह की आरती के बाद बाल-भोग और छप्पन भोग लगता है, और दोपहर में राजभोग; श्री प्रेतराज सरकार और भैरव जी को भी भोग लगता है। ट्रस्ट के अनुसार भोग मंदिर परिसर की बालाजी रसोई में देसी घी में बनता है।

ट्रस्ट की वेबसाइट पर सवामणी की ऑनलाइन बुकिंग होती है; उदाहरण के लिए हलवा-पूड़ी ₹8,300, लड्डू-पूड़ी और चूरमा-पूड़ी ₹12,700, राजभोग/भंडारा ₹13,100 और छप्पन भोग ₹35,010। सवामणी का प्रसाद दोपहर 12 से 2 बजे के बीच सवामणी गेट से मिलता है, ज़्यादा से ज़्यादा 40 लोगों के लिए होता है, और बुकिंग रद्द नहीं होती।

त्योहार

  • हनुमान जयंती — अगली तारीख़:
    सबसे अधिक भीड़ वाले दिनों में।
  • होली — अगली तारीख़:
  • शारदीय नवरात्र — अगली तारीख़:
  • विजयादशमी — अगली तारीख़:
  • राम नवमी — अगली तारीख़:
  • दीपावली और अन्नकूट — अगली तारीख़:
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
  • महाशिवरात्रि — अगली तारीख़:
  • मकर संक्रांति — अगली तारीख़:

तारीख़ें KDD पंचांग से ली गई हैं और उनकी गणना उज्जैन के लिए की गई है। मंदिर अपनी अलग तारीख़ घोषित कर सकते हैं।

आसपास के स्थान

  • सिद्ध मंदिर
  • समाधि स्थल
  • तीन पहाड़ मंदिर

स्थान

अक्षांश: 26.948278
देशांतर: 76.794004

रास्ता देखें: श्री मेहंदीपुर बालाजी, दौसा (बाहरी वेबसाइट, हमारी नहीं)

पास के अन्य मंदिर

ये मंदिरों के बीच की सीधी दूरियाँ हैं; सड़क से दूरी इससे अधिक होगी।