Dhanteras puja vidhi
धनतेरस पर घर में माँ लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा और शाम को यम दीपक: कलश, संकल्प, स्नान, भोग, मंत्र जप, आरती और प्रसाद, साथ में दीपक की सावधानी।
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धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) दीपावली के पाँच दिनों का पहला दिन है। इस दिन माँ लक्ष्मी, कुबेर जी और आयुर्वेद के देवता माने जाने वाले भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है, और शाम को घर के मुख्य द्वार पर यमराज के लिए दक्षिण की ओर मुख करके दीपक जलाया जाता है (यम दीपदान)।
पूजा प्रदोष काल में की जाती है; समय अपने पंचांग से देखें।
Puja samagri
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Vidhi, step by step
स्नान करके साफ़ लाल, पीले या सफ़ेद कपड़े पहनें।
पूजा-स्थान पर गंगाजल छिड़कें और लकड़ी की चौकी पर कपड़ा बिछाएँ।
ताँबे के कलश में जल भरकर सुपारी, दूर्वा और सिक्का डालें, आम के पत्ते लगाएँ और ऊपर नारियल रखें।
माँ लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की मूर्ति या चित्र रखें और घी का दीपक और धूप जलाएँ।
हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर परिवार की भलाई के लिए पूजा का संकल्प लें।
मूर्ति हो तो उसे जल, दूध, शहद और पंचामृत से स्नान कराएँ और फिर शुद्ध जल से धोएँ।
चंदन, सिंदूर और अक्षत चढ़ाएँ; माँ लक्ष्मी को लाल और भगवान धन्वंतरि को पीला वस्त्र अर्पित करें।
मिठाई, खील, साबुत धनिया और हल्दी की गाँठ का भोग लगाएँ।
इस दिन घर आई कोई नई चीज़ (जैसे बर्तन) हो तो उस पर चंदन-सिंदूर लगाएँ और फूल चढ़ाएँ।
रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से मंत्र का जप करें।
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा।
यक्षों के स्वामी, विश्रवा के पुत्र कुबेर, जो धन और अन्न के अधिपति हैं, उन्हें यह अर्पण है; मुझे धन-धान्य की समृद्धि दीजिए और दिलवाइए।
शाम को मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक दक्षिण की ओर मुख करके जलाएँ (यम दीपक) और परिवार की कुशलता की प्रार्थना करें।
मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति॥पाश और दण्ड धारण करने वाले, काल और अपनी पत्नी श्यामा के साथ रहने वाले सूर्यपुत्र यमराज त्रयोदशी के इस दीपदान से प्रसन्न हों।
आरती करें; अंत में कुबेर जी और धन्वंतरि जी की आरती गाएँ।
परिवार और पड़ोसियों में प्रसाद बाँटें।
चाहें तो चंदन, घी और तिल की 11 आहुतियों से छोटा हवन करें।
Customs vary by family and region. Follow your family's custom.
Rules and what to avoid
- इस दिन सात्त्विक रहें और माँस व शराब से दूर रहें।
- पूजा में काले कपड़े न पहनें।
- पूजा के समय घर में शांति रखें और क्रोध व झगड़े से बचें।
Questions
यम दीपक कहाँ और कैसे रखें?
शाम को, प्रदोष काल के बाद, घर के मुख्य द्वार के बाहर अनाज की छोटी ढेरी पर आटे या मिट्टी का चौमुखा दीपक तिल के तेल से जलाकर दक्षिण की ओर मुख करके रखें। उसे घर के भीतर नहीं रखा जाता। दीपक ऐसी जगह रखें जहाँ हवा से पर्दा, कपड़ा या पत्ते न छू सकें और बच्चे या पालतू जानवर न पहुँचें।
क्या धन्वंतरि पूजा डॉक्टर की सलाह की जगह ले सकती है?
नहीं। भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के देवता माने जाते हैं और उनकी पूजा श्रद्धा का विषय है। किसी भी बीमारी या दवा के बारे में अपने डॉक्टर से ही सलाह लें।
कुबेर और लक्ष्मी पूजा का पैसों के फ़ैसलों से क्या संबंध है?
यह पूजा श्रद्धा और कृतज्ञता के लिए है। पैसे, कर्ज़ या निवेश से जुड़े फ़ैसलों के लिए किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से बात करें।
हवन करते समय क्या सावधानी रखें?
हवन कुंड खुली, हवादार जगह पर रखें, पास में कोई जलने वाली चीज़ न हो, आहुति थोड़ी-थोड़ी दें और पास में पानी या रेत रखें।
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