जय श्री कृष्ण

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जय श्री कृष्ण
सांवरिया थारो, रूप समायो नयना माहि जी…
पलकां म थाने, बंद कर राखा जी…
पलकां म थाने, बंद कर राखा जी…
मनमोहन थारे, माथे मुकुटमणि सोहे जी…
ये लट घुंघराला, लागे सुप्यारा जी…
ये लट घुंघराला, लागे सुप्यारा जी…
ओ रसिया थारे, केशरिया बागो तन पे साजे जी…
काना म कुण्डल, चमके निराला जी…
काना म कुण्डल, चमके निराला जी…
श्यामसुन्दर थारे, मनमोहा वंशी मुख पे साजे जी..
बाजे तो म्हारो, मनरो लुभावे जी…
बाजे तो म्हारो, मनरो लुभावे जी…
मनबसिया थारे, श्री चरणा पे पायल साजे जी…
थे आवो देवा, बेगा पधारो जी…
थे आवो देवा, बेगा पधारो जी.

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Gyanchand Bundiwal

Gemologist, Astrologer. Owner at Gems For Everyone and Koti Devi Devta.

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