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शनि शांति के उपाय ज्योतिष में शनि देव को न्यायाधीश का पद दिया गया है। ज्योतिष के अनुसार मनुष्य के हर अच्छे-बुरे कार्य का फल शनि देव ही देते हैं, इसलिए शनि की महा दशा या साढ़ेसाती लगते ही व्यक्ति के अच्छे या बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। जिनके जैसे कर्म होते हैं वैसा ही उनका फल शनि देव उन्हें देते हैं। जिन जातकों के शनि ग्रह अशुभ प्रभाव देने वाले होते हैं उन्हें शनि देव को प्रसन्न करने की जरूरत होती है। जिन्हें करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

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शनि ग्रह से संबंधित कई उपाय हैं, जिन्हें करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। यदि आप शनि के अशुभ प्रभाव से पीड़ित हैं तो नीचे दिए गए उपाय अवश्य करें। यह सभी आजमाए हुए फलित उपाय है।

  1. शनि के दुष्प्रभाव से होने वाले दुख एवं पीड़ा से बचने के लिए जातक के लिए सबसे सरल उपाय है भगवान हनुमानजी या भगवान शंकर का मनोयोग पूर्वक भजन। भगवान शंकर को रुद्राभिषेक सबसे प्रिय है, और पवन-पुत्र को वाल्मीकि या तुलसी कृत सुंदर कांड का पाठ शीघ्र प्रसन्न करता है।
  2. शनि के वैदिक या तांत्रिक मंत्र सहित दशरथ कृत शनि स्त्रोत का पाठ भी शनि कृत समस्त अरिष्टों को दूर करता है।
  3. भैरव उपासना और भैरव-मंत्र जप भी अतिशीघ्र यथेष्ठ कल्याणप्रद सिद्ध होता है।
  4. अशुभ शनि की शांति के लिए शनिवार का व्रत सहित भगवान शंकर को नित्य दूध या तिल चढ़ाना चाहिए।
  5. शनि मंदिर में जाकर हर शनिवार शनिदेव के दर्शन करना एवं उन्हें सरसों का तेल चढ़ाना व दीपक जलाना लाभप्रद होता है।
  6. रात्रि में शिव मंदिर, हनुमान मंदिर या पीपल के वृक्ष के नीचे तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
  7. काले वस्त्रों एवं तिलान्न का यथासंभव दान एवं उपयोग करना चाहिए।
  8. शारीरिक व्याधि के निवारण हेतु लघु मृत्युंजय का जाप एवं हवन करना चाहिए। गोचर में अनिष्ट शनि के प्रभाव को कम करने के लिए श्रीमद्भागवत के नल चरित्र का पाठ करना लाभप्रद होता है।
  9. इसके अतिरिक्त शारीर पर तेल मालिश, सुरमा लगाना, नित्य गूगल का धूप देना लाभप्रद होता है।
  10. शनि को बलवान करने हेतु एवं धन वृद्धि के लिए नीलम युक्त शनि यंत्र धारण करें।
  11. कपूर को नारियल के तेल में मिलाकर सिर में लगावें।
  12. नित्य शनि मंदिर में जाकर शनिदेव का दर्शन करना एवं शनि स्त्रोत का वाचन करना।
  13. काली उड़द को जल में प्रवाहित करना एवं काली उड़द का दान करना।
  14. राजा की सेवा या उसका हुक्म मानना। भैरव की स्तुति या भैरव मंदिर में दूध चढ़ाना।
  15. मांस,लोहे, चमड़े का सामान दान देना या जल प्रवाहित करना।
  16. तेल या शराब का दान करना एवं शराब, मांस, मछली से परहेज रखना।
  17. राहु की स्थिति देखकर नीलम धारण करना, नीलम के अभाव में घोड़े की नाल का छल्ला अपने हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करना
  18. ताया, चाचा की सेवा करना और उनका आशीर्वाद लेना
  19. रोटी पर सरसों का तेल लगाकर कुत्तों और कौवों को खिलाना एवं काले कीड़ों को तिरचोली डालना
  20. स्टील या लोहे के पात्र में भोजन करना एवं पानी पीना।
  21. शनि के खराब होने की स्थिति में व्यक्ति को अपने आप को अकेले में या अंधेरे में ना बैठने देना।
  22. शनि पीड़ा की विशेष शांति हेतु सौंफ, काले तिल, सुरमा, नागर मोथा और लोध मिलाकर दस शनिवार तक स्नान करना।
  23. जन्मांग में पंचम या नवम भाव में किसी भी प्रकार से शनि संबंधित अशुभ प्रभाव से निवारण के लिए किसी समर्थ गुरु के निर्देशन में भगवती काली की आराधना करना सभी बिगड़े कामों को बनाता है।
  24. हरिवंश पुराण के अनुसार अशुभ शनि की शांति के लिए महामृत्युंजय का जाप एवं हवन संकल्प पूर्वक करना चाहिए।

इस तरह आप शनि ग्रह की शांति के उपाय करके शनि ग्रह की शांति कर सकते है. कुंडली में दूसरे ग्रहों की शांति के उपाय जानने के लिए हमारी ग्रहों की शांति के उपाय की सूची को देखिये

दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आप शनि ग्रह शांति के उपाय को समझ गए होंगे। अगली बार जब आप शनि ग्रह शांति के उपाय के बारे में सुनते हैं, तो आपको कोई भी सवाल नहीं आना चाहिए। आज के लिए बस इतना ही, आगे भी हम आपको देवी देवताओ की जानकारी जैसे मंत्र, श्लोक, स्तोत्र, आरती, कवच आदि; ज्योतिष शास्त्र से संबंधित जानकारियां, रत्न और रुद्राक्ष से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराते रहेंगे।

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Gyanchand Bundiwal
Gyanchand Bundiwal

Gemologist, Astrologer. Owner at Gems For Everyone and Koti Devi Devta.

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