माता लक्ष्मी की उत्पत्ति कैसे हुई?

विरोधाभास पाया जाता है। एक कथा के अनुसार माता लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान निकले रत्नों के साथ हुई थी, लेकिन दूसरी कथा के अनुसार वे भृगु ऋषि की बेटी हैं। दरअसल, पुराणों की कथा में छुपे रहस्य…

विरोधाभास पाया जाता है। एक कथा के अनुसार माता लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान निकले रत्नों के साथ हुई थी, लेकिन दूसरी कथा के अनुसार वे भृगु ऋषि की बेटी हैं। दरअसल, पुराणों की कथा में छुपे रहस्य…

धन प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय टोटके सदैव याद रखें कभी भी किसी से कोई चीज मुफ्त में न लें, हमेशा उसका मूल्य अवश्य ही चुकाएं, कभी भी किसी व्यक्ति को धोखा देकर धन का संचय न करें, इस…

दिपावली पूजा– लक्ष्मी पूजा बृहस्पतिवार, 4 नवम्बर, 2021 पर लक्ष्मी पूजा मुहूर्त – 18:14 से 20:09 अवधि – 01 घण्टा 55 मिनट प्रदोष काल – 17:36 से 20:09 वृषभ काल – 18:14 से 20:13 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त अन्य शहरों में…

दीपावली में हर व्यक्ति चाहता है, लक्ष्मीजी की उस पर कृपा हो। लक्ष्मी देवी को प्रसन्न करने और दीपावली पर धन पाने के कुछ अचूक उपाय दीपावली पूजन में 11 कोड़ियां, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मीजी को चढ़ाएं…

श्री कमला प्रयोग – लक्ष्मी मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमःदुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो: स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासिहिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्ण रजतस्त्रजाम चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जात वेदो म आवहदारिद्र्यदु:खभयहारिणी क त्वदन्या…

Shree Kanakdhara Stotram अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः ॥1॥ अर्थ : – जैसे भ्रमरी अधखिले कुसुमों से अलंकृत तमाल-तरु का आश्रय लेती है, उसी प्रकार जो प्रकाश श्रीहरि के रोमांच से सुशोभित श्रीअंगों पर निरंतर…

Indra Lakshmi Stotram इन्द्र उवाच ऊँ नम: कमलवासिन्यै नारायण्यै नमो नम: । कृष्णप्रियायै सारायै पद्मायै च नमो नम: ।।1।। अर्थ – देवराज इन्द्र बोले – भगवती कमलवासिनी को नमस्कार है. देवी नारायणी को बार-बार नमस्कार है. संसार की सारभूता कृष्णप्रिया…

Ashtalakshmi Stotram 1. आदिलक्ष्मी सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवी चन्द्र सहोदरीहेममये | मुनिगणमंडित मोक्षप्रदायिनी मंजुलभाषिणीवेदनुते || पंकजवासिनी देवसुपुजित सद्रुणवर्षिणी शांतियुते | जय जय हे मधुसुदन कामिनी आदिलक्ष्मी सदापलीमाम ||१|| 2. धान्यलक्ष्मी अहिकली कल्मषनाशिनि कामिनी वैदिकरुपिणी वेदमये | क्षीरमुद्भव मंगलरूपिणी मन्त्रनिवासिनी मन्त्रनुते |…

Maa Kamala Stotra ओंकाररूपिणी देवि विशुद्धसत्त्वरूपिणी । देवानां जननी त्वं हि प्रसन्ना भव सुन्दरि ॥ तन्मात्रंचैव भूतानि तव वक्षस्थलं स्मृतम् । त्वमेव वेदगम्या तु प्रसन्ना भव सुंदरि ॥ देवदानवगन्धर्वयक्षराक्षसकिन्नरः । स्तूयसे त्वं सदा लक्ष्मि प्रसन्ना भव सुन्दरि ॥ लोकातीता द्वैतातीता…
Sarva Deva Krutha Lakshmi Stotram सर्व देवता क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमा शीले परात्परे। शुद्ध सत्व स्वरूपेच कोपादि परि वर्जिते॥ उपमे सर्व साध्वीनां देवीनां देव पूजिते। त्वया विना जगत्सर्वं मृत तुल्यञ्च निष्फलम्॥ सर्व सम्पत्स्वरूपात्वं सर्वेषां सर्व रूपिणी। रासेश्वर्यधि देवीत्वं त्वत्कलाः सर्वयोषितः॥ कैलासे…
Sri Lakshmi Dwadasa Nama Stotram श्रीदेवी प्रथमं नाम द्वितीयं अमृत्तोद्भवा तृत्तीयं कमला प्रोक्ता चतुर्थं लोकसुन्दरी पञ्चमं विष्णुपत्नी च षष्ठं स्यात् वैष्णवी तथा सप्ततं तु वरारोहा अष्टमं हरिवल्लभा नवमं शार्गिंणी प्रोक्ता दशमं देवदेविका एकादशं तु लक्ष्मीः स्यात् द्वादशं श्रीहरिप्रिया द्वादशैतानि नामानि…
Shri Kanakdhara Stotram – Kanakadhara Stotra ॥ अथ श्री कनकधारा स्तोत्रम् ॥ अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः ॥१॥ मुग्धा मुहुर्विदधती वदने मुरारेः प्रेमत्रपा-प्रणहितानि गताऽऽगतानि। मालादृशोर्मधुकरीव महोत्पले या सा मे श्रियं दिशतु सागरसम्भवायाः ॥२॥ विश्वामरेन्द्रपद-वीभ्रमदानदक्ष आनन्द-हेतुरधिकं…
Shri Lakshmi Hayavadana Ratnamala Stotram श्रीलक्ष्मीहयवदनपरब्रह्मणे नमः । श्रीमते श्रीकृष्णब्रह्मतन्त्रपरकालयतीन्द्रमहादेशिकाय नमः । श्रीमन्महाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मे नारायणाख्याने हयशिर उपाख्यानस्य व्याख्याने हयशिरोरत्नभूषणे तद्विवरणदीधितौ च परिशीलितानां श्रुतीनामर्थस्य सङ्ग्राहक श्रीलक्ष्मीहयवदनरत्नमालास्तोत्रम् । वागीशाख्या श्रुतिस्मृत्युदितशुभतनोवसुदेवस्य मूर्तिः, ज्ञाता यद्वागुपज्ञं भुवि मनुजवेरैर्वाजिवक्त्रप्रसादात् । प्रख्याताश्चर्यशक्तिः कविकथकहरिः सर्वतन्त्रस्वतन्त्रः, त्रय्यन्ताचार्यनामा मम…

Sri Mahalakshmi Hrudayam Stotram || Mahalaxmi Hrudayam Stotram श्रीमत सौभाग्यजननीं , स्तौमि लक्ष्मीं सनातनीं ! सर्वकामफलावाप्ति साधनैक सुखावहां !!1!! श्री वैकुंठ स्थिते लक्ष्मि ! समागच्छ मम अग्रत: ! नारायणेन सह मां , कृपा दृष्ट्या अवलोकय !! 2!! सत्यलोक स्थिते लक्ष्मि…
महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष से शुरू होता है और इसकी समाप्ति अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को होती है। सोलह दिनों के इन व्रतों में जो भी व्यक्ति मां लक्ष्मी की सुबह और शाम…