शारदीय नवरात्रि 2025

शारदीय नवरात्रि 22 सोमवार, सितम्बर 2025 से शुरू हो रही है, जो कि गुरुवार 2 अक्टूबर, 2025 को संपन्न होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा कलश…

शारदीय नवरात्रि 22 सोमवार, सितम्बर 2025 से शुरू हो रही है, जो कि गुरुवार 2 अक्टूबर, 2025 को संपन्न होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा कलश…

दुर्गाष्टमी पूजा एवं कन्या पूजन 2023 – व्रत विधि, पूजा विधि जानकारी 29 मार्च 2023, बुधवार – चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन माँ दुर्गा के भवानी स्वरूप का व्रत करने का विधान है। इस दिन मां भवानी प्रकट…

चैत्र नवरात्री के दिन घट स्थापना – मुहूर्त एवं पूजन विधि चैत्र नवरात्रि प्रथम दिन – बुधवार 22 मार्च 2023 चैत्र नवरात्रि सभी चारों नवरात्रों में विशेष महत्व रखता है। आमतौर पर साल में चार चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ…

शारदीय नवरात्रि 26 सोमवार, सितम्बर 2022 से शुरू हो रही है, जो कि बुधवार 5 अक्टूबर, 2022 को संपन्न होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा कलश…

हम सभी 2 नवरात्रों के बारे में जानते है एक शारदीय नवरात्रि और एक चैत्र नवरात्रि, लेकिन 2 और नवरात्रि होती है जिसे हमारे शास्त्रों में गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. गुप्त नवरात्रि का बड़ा महत्व है, गुप्त नवरात्रि में…

नवरात्र में क्यों जलाते हैं अखंड ज्योत नवरात्र यानि नौ दिनों तक चलने वाली देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ ही इस पावन पर्व पर कई घरों में घटस्थापना होती है, तो कई जगह अखंड ज्योत का…

अगर रात्रि का कोई विशेष रहस्य न होता तो उत्सवों को रात्रि न कह कर दिन ही कहा जाता नवरात्रि का अर्थ होता है, नौ रातें। हिन्दू धर्मानुसार यह पर्व वर्ष में दो बार आता है। एक शरद माह की…

चैत्र नवरात्रि शनिवार, 2 अप्रैल, 2022। चैत्र नवरात्रि का पर्व भारत में हिन्दुओं के द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। चैत्र नवरात्रि सभी चारों नवरात्रों में विशेष महत्व रखता है। आमतौर पर साल में चार चैत्र, आषाढ़, आश्विन और…

इन नौ औषधियों में वास है नवदुर्गा का। मां दुर्गा नौ रूपों में अपने भक्तों का कल्याण कर उनके सारे संकट हर लेती हैं। इस बात का जीता जागता प्रमाण है, संसार में उपलब्ध वे औषधियां,जिन्हें मां दुर्गा के विभिन्न…

नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवाँ दिन दशहरा के नाम से प्रसिद्ध है। नवरात्रि वर्ष…

गुप्त नवरात्रि बुधवार – 2 फरवरी 2022, गुप्त नवरात्रि प्रतिवर्ष दो बार माघ और आषाढ़ माह में आती हैं गुप्त नवरात्रियों का महत्व चैत्र और शारदीय नवरात्रियों से भी अधिक हैं क्योंकि इनमें देवी अपने पूर्ण स्वरूप में विद्यमान रहती…

शारदीय नवरात्रि गुरुवार 7 अक्टूबर, 2021 से शुरू हो रही है, जो कि शुक्रवार 15 अक्टूबर, 2021 को संपन्न होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा कलश…

नवमी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा विधि सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि |सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी || सिद्धिदात्री स्वरूप नवरात्र-पूजन के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवमी के दिन सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। सिद्धियां हासिल करने के…

नवरात्री की अष्टमी दिन माँ महागौरी की पूजा विधि श्वेत वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बर धरा शुचि:। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥ श्री दुर्गा का अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। इनका वर्ण पूर्णतः गौर है, इसलिए ये महागौरी कहलाती हैं। नवरात्रि के अष्टम…

नवरात्री पूजा सप्तमी दिन माता कालरात्रि की पूजा एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा। वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥ श्रीदुर्गा का सप्तम रूप श्री कालरात्रि हैं। ये काल का नाश करने वाली हैं, इसलिए कालरात्रि कहलाती हैं। नवरात्रि के सप्तम…

नवरात्री के षष्ठम दिन माता कात्यायनी रूप की पूजा चन्द्रहासोज्जवलकराशार्दूलावरवाहना।कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानव घातिनी॥ श्री दुर्गा का षष्ठम् रूप श्री कात्यायनी। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए…

नवरात्री पंचमी दिन स्कंदमाता की पूजा विधि सिंहासनगता नित्यं पद्याञ्चितकरद्वया।शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ माँ दुर्गा का पंचम रूप स्कन्दमाता के रूप में जाना जाता है। भगवान स्कन्द कुमार (कार्तिकेय)की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवे स्वरूप…

नवरात्री चौथे दिन माता कूष्माण्डा माता सुरासम्पूर्णकलशं रूधिराप्लुतमेव च।दधानाहस्तपद्याभ्यां कुष्माण्डा शुभदास्तु में॥ श्री दुर्गा का चतुर्थ रूप श्री कूष्मांडा हैं। अपनी मन्द हंसी से अपने उदर से अण्ड अर्थात ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारंण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम…

नवरात्री का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा रुप की पूजातृतीय दुर्गा – श्री चंद्रघंटा नवरात्री तीसरा दिन माता चंद्रघंटा पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैयुता।प्रसादं तनुते मद्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥ माँ दुर्गा की तृतीय शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि विग्रह के तीसरे दिन इन का…

नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रम्ह्चारिणी रुप की पूजा होती है। इस रुप में देवी को समस्त विद्याओं का ज्ञाता माना गया है। देवी ब्रम्ह्चारिणी भवानी माँ जगदम्बा का दूसरा स्वरुप है। ब्रम्ह्चारिणी ब्रह्माण्ड की रचना करने वाली। ब्रह्माण्ड को…