श्री गणेश प्रातः स्मरणम् स्तोत्र

इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें

Shri Ganesh Pratah Smaranam Stotram

प्रातः स्मरामि गणनाथमनाथबन्धुं सिंदूरपूरपरिशोभित गण्डयुग्मम् ।

उद्दण्डविघ्नपरिखण्डनचण्डदण्डं आखण्डलादि सुरनायक वृन्दवन्द्यम् ॥ १ ॥

प्रातर्नमामि चतुरानन वन्द्यमानं इच्छानुकूलमखिलंच फलं ददानम् ।

तं तुंदिलं द्विरसनाधिप यज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयोः शिवाय ॥२ ॥

प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोक-दावानलं गणविभुं वरकुंजरास्यम् ।

अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहं उत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य ॥ ३ ॥

श्लोकत्रयमिदं पुण्यं सदा साम्राज्यदायकम् ।

प्रातरुत्थाय सततं यः पठेत्प्रयतः पुमान् ॥ ४ ॥

श्री गणेश प्रातः स्मरणम् स्तोत्र
इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें
Default image
Gyanchand Bundiwal
Gemologist, Astrologer. Owner at Gems For Everyone and Koti Devi Devta.
Articles: 449

Leave a Reply

नए अपडेट पाने के लिए अपनी डिटेल्स शेयर करे

नैचरॅल सर्टिफाइड रुद्राक्ष कॉम्बो ऑफर

3, 4, 5, 6 और 7 मुखी केवल ₹800